बेमेतरा: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी की प्रक्रिया में बेमेतरा जिले ने किसानों के लिए एक नया उदाहरण पेश किया है। इस वर्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों और जिला प्रशासन की सक्रिय मॉनिटरिंग के कारण खरीदी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बन गई है।
धान खरीदी के पांचवें दिन, ग्राम सौवरी के किसान गणेश सिन्हा ने 130 क्विंटल धान बेचकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने इस वर्ष की व्यवस्था की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि, “इस बार पूरी प्रक्रिया में न तो भागदौड़ हुई, न कोई असुविधा। टोकन समय पर मिला, बारदाना अच्छा मिला और अधिकारियों की मौजूदगी ने व्यवस्था को पूरी तरह अनुशासित रखा। वर्षों बाद इतनी पारदर्शी व्यवस्था देखने को मिली है।”
‘टोकन तुहर हाथ’ ने की समय की बचत
कलेक्टर रणबीर शर्मा की सख्त निगरानी और तकनीक-आधारित सुविधाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। किसान गणेश सिन्हा ने विशेष रूप से ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले टोकन और तौल के इंतजार में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन इस वर्ष किसान घर बैठे ही ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर पा रहे हैं, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
जिला प्रशासन ने समितियों की समीक्षा, ऑनलाइन टोकन प्रणाली की निगरानी, गुणवत्तापूर्ण बारदाना की उपलब्धता और त्वरित भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित कर किसानों के लिए एक सहज अनुभव प्रदान किया है।
बेहतर सुविधाओं से बढ़ा किसानों का भरोसा
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले भर के खरीदी केंद्रों पर बारदाना, तौल, परिवहन और भुगतान की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कृषि विभाग और समिति की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि:
- धान का तौल त्वरित हो।
- किसानों को लंबी लाइन में खड़े न रहना पड़े।
- भुगतान समय पर मिले और वातावरण अनुशासित बना रहे।
किसान गणेश सिन्हा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस बार वाकई किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और भरोसेमंद है।” बेहतर व्यवस्था और तकनीकी सुविधा ने जिले के किसानों का भरोसा और भी मजबूत किया है।

