दुर्ग (छत्तीसगढ़): दुर्ग पुलिस (थाना सुपेला एवं एसीसीयू यूनिट) ने एक संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी से जुड़ी बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। बंधन बैंक, सुपेला में ‘म्यूल अकाउंट’ खोलकर साइबर अपराधियों को सहयोग करने वाले 8 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- मामला: 27 बैंक खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त ₹1 करोड़ 20 लाख 57 हजार 549 की अवैध रकम के लेन-देन में किया गया।
- बैंक: बंधन बैंक, नेहरू नगर (सुपेला)।
- आधार: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के “समन्वय” पोर्टल से मिली जानकारी पर कार्रवाई की गई।
- FIR: थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1322/2025 के तहत BNS की धारा 317(2), 318(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज।
ऐसे किया गया अपराध
पुलिस जांच में पाया गया कि इन खाताधारकों ने जानबूझकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त राशि को ठिकाने लगाने और आगे बढ़ाने में किया। ये खाते ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे, जो कि साइबर अपराधों की एक प्रमुख कड़ी है।
गिरफ्तार आरोपी
विवेचना के दौरान, पुलिस ने अब तक कुल आठ (08) आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया है।
- रनजीत महानंद (24), निवासी रावणभांठा, सुपेला, दुर्ग।
- श्रीमति परमीला बाई जंघेल (48), निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार, दुर्ग।
- के० आकाश राव (20), निवासी सेक्टर 02, भिलाई भटठी, दुर्ग।
- विपिन कुमार सिरसाम (35), निवासी रिसाली सेक्टर 31/01 जी, नेवई, दुर्ग।
- श्रीमति मानवी बेरी (49), निवासी सेक्टर 04, भिलाई भटठी, दुर्ग।
- आशीष गुप्ता (42), निवासी दीनदयाल कालोनी, सुपेला, दुर्ग।
- पिंकी कुर्रे (36), निवासी एल०आई०जी०883/884, आदित्य नगर, मोहन नगर, दुर्ग।
- (अन्य एक अज्ञात/सूची में छूट गया आरोपी)
पुलिस ने बताया कि अन्य खाता धारकों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
👮♀️ दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील 📢
दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए न दें।
- थोड़े से लालच में आकर अपने खाते में साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम का लेन-देन न करें।
ऐसे किसी भी लेन-देन में शामिल होना आपको साइबर अपराधों में भागीदार बना सकता है और आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

