मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के ठिकाने पर पुलिस का छापा; भारी मात्रा में सामग्री जब्त, 3 नक्सलियों के घायल होने की आशंका
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बोरतलाव थाना क्षेत्र के कौहापानी जंगल में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के डेरे का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में नक्सली और दैनिक उपयोग की सामग्री जब्त की है।
यह कार्रवाई जिला बालाघाट (म.प्र.), गोंदिया (महाराष्ट्र), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और राजनांदगांव (छ.ग.) की संयुक्त पुलिस पार्टियों द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान का हिस्सा है।
⚔️ मुठभेड़ में शहीद हुए थे निरीक्षक आशीष शर्मा
यह ऑपरेशन 19 नवंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब कौहापानी के पहाड़ी जंगल में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। सर्चिंग के दौरान पुलिस पार्टी और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें जिला बालाघाट (म.प्र.) के निरीक्षक आशीष शर्मा गोली लगने से शहीद हो गए थे।

300 अतिरिक्त जवानों के साथ सघन सर्चिंग
निरीक्षक की शहादत के बाद पुलिस ने अभियान को और तेज कर दिया। लगभग 300 अतिरिक्त बल को ऑपरेशन में शामिल किया गया और 3-4 दिनों तक लगातार सघन सर्चिंग की गई। अभियान के द्वितीय चरण में एसटीएफ छत्तीसगढ़, डीआरजी राजनांदगांव और डीआरजी मोहला-मानपुर की प्रमुख भूमिका रही।
दिनांक 22.11.2025 को सर्चिंग पार्टी आखिरकार नक्सलियों के डेरे तक पहुँचने में कामयाब रही। पुलिस को देखते ही नक्सली अपना सारा सामान छोड़कर जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।

डेरे से विस्फोटक और संचार उपकरण जब्त
घटनास्थल से पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है, जिनमें प्रमुख हैं:
- नक्सलियों की वर्दियां और पिट्ठू बैग।
- लिखे हुए दस्तावेज और डायरियां।
- सोलर पैनल और चार्जिंग सेट्स।
- वॉकी-टॉकी सेट।
- खाना बनाने के बर्तन, टेंट और तिरपाल।
- विस्फोटक सामग्री और भारी मात्रा में राशन।
🩸 3 नक्सली घायल, इलाज के लिए ग्रामीणों ने किया इंकार
मुठभेड़ स्थल से थोड़ी दूरी पर भारी मात्रा में खून के धब्बे पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस मुठभेड़ में कम से कम तीन नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, घायल नक्सलियों में से एक की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।
बताया गया है कि घायल नक्सलियों के उपचार हेतु नक्सली दस्ता स्थानीय ग्रामीणों से दवाई और डॉक्टर की व्यवस्था कराने का प्रयास कर रहा था, किंतु ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और सहयोग करने से इंकार कर दिया।
इस अभियान में एसटीएफ बघेरा की 06 पार्टियां, डीआरजी मोहला, एवं डीआरजी राजनांदगांव की पार्टियां शामिल थीं। सुरक्षा बल अब पड़ोसी राज्यों के बल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए सघन नक्सल विरोधी अभियान निरंतर जारी रखने की तैयारी में हैं।
