आज 5 दिसंबर 2025 से हिन्दू पंचांग का दसवां महीना पौष मास शुरू हो गया है, जो 3 जनवरी 2026 तक चलेगा।इस पावन माह का महत्व बताते हुए, ज्योतिषाचार्य कृष्ण नंदन शर्मा ने बताया कि यह महीना भगवान सूर्यदेव और पितरों (पूर्वजों) को समर्पित है।🌟 पौष माह का विशेष महत्वज्योतिषाचार्य कृष्ण नंदन शर्मा के अनुसार, पौष मास को अर्घ्य मास भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस माह में सूर्य की उपासना करने से व्यक्ति को तेज, बल और आरोग्य (अच्छा स्वास्थ्य) मिलता है।✅ इस माह में क्या करें? (शुभ कार्य) * सूर्य देव की पूजा: प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और तांबे के पात्र से सूर्य देव को ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र बोलते हुए जल अर्पित करें। * दान: इस माह में गर्म वस्त्र (जैसे कंबल), गुड़, तिल, और घी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। * पितरों का तर्पण: अपने पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करना बहुत फलदायी होता है।🚫 किन कार्यों से बचें? (वर्जित कार्य) * मांगलिक कार्य: विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नई दुकान का उद्घाटन जैसे कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य इस माह में नहीं किए जाते हैं। * नमक: इस महीने में नमक का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। * नकारात्मकता: क्रोध, ईर्ष्या और झूठ बोलने से बचना चाहिए।

