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प्रशासन की लापरवाही: बेमेतरा में जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण, सड़क पर बिजली के खंभे रखकर बनाया ‘देसी’ ब्रेकर

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRIDC) के अंतर्गत बन रही सरदा-बूढाजौंग-रांका मार्ग अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की नाक के नीचे ठेकेदार मेसर्स किरण बिल्डकॉन द्वारा की जा रही मनमानी से ग्रामीण इस कदर परेशान हैं कि उन्हें सुरक्षा के लिए खुद ही खतरनाक कदम उठाने पड़ रहे हैं।

विभाग ने नहीं सुना तो ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

​ग्राम आन्दू के बीच से गुजर रही इस नई सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों का कहर जारी है। ग्रामीणों ने कई बार ठेकेदार और अधिकारियों से जरूरी स्थानों पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बनाने की मांग की, ताकि मोहल्ले के खेलते हुए बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित रह सकें। लेकिन जब प्रशासन ने उनकी एक न सुनी, तो ग्रामीणों ने मजबूरन बिजली के खंभे (पोल) को सड़क पर रखकर उसे मिट्टी से ढक दिया और अपना ‘देसी ब्रेकर’ तैयार कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बिना तेज रफ्तार गाड़ियां कभी भी किसी घर के चिराग को बुझा सकती हैं।

भ्रष्टाचार की परतें: नई सड़क पर दरारें और बिखरी गिट्टियां

​सड़क निर्माण में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाने का मामला केवल आन्दू तक सीमित नहीं है:

  • अतरगढ़ी में बदहाली: गांव के स्कूल के पास और साइड शोल्डर में अनैतिक रूप से मिट्टी और गिट्टी का ढेर लगा हुआ है।
  • उखड़ती सीसी रोड: अभी निर्माण कार्य पूरा ही हुआ है और सड़क पर दरारें पड़ने लगी हैं। कई जगहों से सीसी उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो रही है।
  • पुराना अनुभव: पिछले वर्ष अतरगढ़ी हाई स्कूल के सामने बनी पुलिया पहली ही बारिश में बह गई थी। दोबारा निर्माण के बाद भी गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।

ठेकेदार की ‘कंजूसी’ और अधिकारियों की ‘चुप्पी’

​आरोप है कि ठेकेदार चंद रुपये बचाने के चक्कर में सड़क की सफाई नहीं करा रहा है। सड़क पर बिखरी गिट्टियां दोपहिया वाहनों के फिसलने का मुख्य कारण बन रही हैं। संबंधित इंजीनियर, एसडीओ (SDO) और कार्यपालन अभियंता ने जैसे इस मार्ग से मुंह मोड़ लिया है। जांच के अभाव में ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं और आम जनता की जान खतरे में है।

“ग्रामीणों का सवाल: क्या प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग की आंखें खुलेंगी?”

ग्रामीणों की मांग

​स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि:

  1. ​सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की जाए।
  2. ​नियम के विरुद्ध बिखरी मिट्टी और गिट्टी को तत्काल साफ कराया जाए।
  3. ​आन्दू सहित अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तकनीकी रूप से सही स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि बिजली के खंभों जैसे खतरनाक अवरोधकों की जरूरत न पड़े।

ब्यूरो रिपोर्ट, बेमेतरा

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