नवकेशा:
आस्था और अध्यात्म की पावन त्रिवेणी आज से ग्राम नवकेशा के आंगन में बहने जा रही है। अवसर है त्रिदिवसीय अखंड नवधा रामायण के भव्य आयोजन का। आज से शुरू होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और ग्रामीण भक्ति के सागर में गोते लगाने के लिए तैयार हैं।

दूर-दराज से जुटेंगे मानस मर्मज्ञ
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ जुटने वाले व्याख्याकार हैं। राम नाम की महिमा का बखान करने के लिए दूर-दूर से ख्याति प्राप्त विद्वान और मानस मर्मज्ञ नवकेशा पहुँच रहे हैं। ये व्याख्याकार अपनी ओजस्वी वाणी से रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करेंगे और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाएंगे।
संगीत और भजनों की बहेगी सरिता
केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि भक्तिमय संगीत और भजनों की प्रस्तुति इस आयोजन में चार चाँद लगाएगी। वाद्ययंत्रों की थाप और सुरीले भजनों पर पूरा गांव झूम उठेगा। आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि संगीत और श्रद्धा का यह संगम क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
भक्तिमय हुआ वातावरण
आयोजन को लेकर गांव में विशेष सजावट की गई है। अगले तीन दिनों तक नवकेशा का कोना-कोना ‘राममय’ नज़र आएगा। ग्रामीणों ने बताया कि:
”यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे गांव को एकता और सद्भावना के सूत्र में पिरोने का माध्यम है। तीन दिनों तक हम सभी सांसारिक मोह-माया त्याग कर प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन रहेंगे।”
प्रमुख आकर्षण:
- अखंड पाठ: निरंतर चलने वाला रामचरितमानस का गायन।
- विद्वान व्याख्याकार: जटिल चौपाइयों का सरल और मर्मस्पर्शी अर्थ।
- सामूहिक भजन: गांव की गलियों में गूंजती भक्ति की तान।
इस गरिमामयी आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

