सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा जिले के दक्षिणी क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में 05 महिला माओवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से AK-47 और इंसास (INSAS) जैसे अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं।
कुख्यात कमांडर ढेर, ASP की हत्या का था आरोप
प्रारंभिक शिनाख्त में सुरक्षाबलों ने दो बड़े इनामी नक्सलियों की पहचान की है:
- वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का: कोंटा एरिया कमेटी इंचार्ज।
- माड़वी हितेश उर्फ हूंगा: कोंटा एरिया कमेटी सचिव।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये दोनों माओवादी शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश में मुख्य रूप से शामिल थे। अन्य मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
DRG का सटीक ऑपरेशन
सुकमा पुलिस अधीक्षक (SP) किरण चव्हाण ने बताया कि जिले के दक्षिणी सीमावर्ती इलाकों में सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके आधार पर डीआरजी (DRG) की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
”सुबह लगभग 08:00 बजे सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। रुक-रुक कर हुई इस गोलीबारी के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो अलग-अलग स्थानों से 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए।”
हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बरामद हथियारों में शामिल हैं:
- 01 AK-47 राइफल
- इंसास (INSAS) राइफल्स
- एसएलआर (SLR) राइफल्स
- भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां।
“अंतिम दौर में है माओवाद” – आईजी सुंदरराज पी.
बस्तर रेंज के आईजीपी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि बस्तर में अब माओवाद अपने अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा, “नक्सली संगठन की संरचना पूरी तरह टूट चुकी है। हम अपील करते हैं कि सक्रिय माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ें और सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटें।”
फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। इस बड़ी कार्रवाई को बस्तर में नक्सलियों के पैर उखाड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

