धमधा (दुर्ग): आस्था और परंपरा के केंद्र सगनी गांव में आयोजित वार्षिक पुन्नी मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। तीन नदियों के पावन त्रिवेणी संगम पर आयोजित इस मेले में हुई चाकूबाजी की घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि चार अन्य को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सिल्ली लोधेश्वर महादेव मंदिर के समीप हुई। मेले के दौरान साधारण बातचीत के बीच कुछ युवकों में विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। आक्रोशित आरोपियों ने धारदार हथियारों और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
घायलों की स्थिति:
- ओमप्रकाश पटेल: हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया है।
- अन्य चार घायल: प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्त में
घटना की सूचना मिलते ही धमधा थाना प्रभारी राम नारायण ध्रुव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दबिश देकर नन्दिनी नगर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी: आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो धारदार चाकू, डंडे और हाथ में पहनने वाले कड़े बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
पकड़े गए आरोपियों में जितेन्द्र उर्फ भोला, तोप सिंह यादव, पवन कुमार साहू, देवेन्द्र यादव, गोपी ठाकुर, जयप्रकाश पटेल, सोनू ठाकुर, पुरेन्द्र ठाकुर, मनीष कुमार ध्रुव, हीरानंद यादव और डोमेन्द्र साहू सहित अन्य शामिल हैं। ये सभी नन्दिनी नगर जिला दुर्ग के निवासी बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पिछले 60 वर्षों से आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित मेले में हुई हिंसा ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि:
- मेले जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर हथियार लेकर अपराधी कैसे दाखिल हुए?
- पुलिस की तलाशी और निगरानी व्यवस्था में चूक कहाँ हुई?
- लाखों की भीड़ वाले आयोजन में सुरक्षा बल की तैनाती पर्याप्त थी या नहीं?
आस्था और सुरक्षा का संतुलन जरूरी
सगनी का पुन्नी मेला क्षेत्र की संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। जानकारों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और अधिक कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

