जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ मोबाइल ऐप का उपयोग अनिवार्य करने को कहा है।
घर बैठे नहीं होगा रजिस्ट्रेशन, स्कूल जाना अनिवार्य
इस नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पेच है, जो शिक्षकों की लेटलतीफी या घर बैठे उपस्थिति दर्ज करने की कोशिशों पर लगाम लगाएगा। आदेश के अनुसार, शिक्षकों को यह ऐप विद्यालय परिसर में पहुँचने के बाद ही इंस्टॉल और रजिस्टर करना होगा।
ऐसा क्यों है?
- GPS तकनीक: ऐप रजिस्ट्रेशन के समय जीपीएस (GPS) के जरिए स्कूल की सटीक लोकेशन सेव कर लेता है।
- लोकेशन मिसमैच: यदि कोई शिक्षक घर से या स्कूल से दूर रहकर ऐप इंस्टॉल करता है, तो सर्वर पर मौजूद स्कूल की लोकेशन और मोबाइल की लोकेशन मेल नहीं खाएगी।
- नतीजा: लोकेशन मैच न होने की स्थिति में शिक्षक अपनी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं कर पाएंगे और उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा।
भारत सरकार की सीधी निगरानी
इस कवायद का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करना है। प्रतिदिन का अटेंडेंस डेटा सीधे शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को भेजा जाएगा। इससे दिल्ली और रायपुर में बैठे अधिकारी एक क्लिक पर जान सकेंगे कि बस्तर के किस स्कूल में कितने शिक्षक और बच्चे मौजूद हैं।
विभाग की सख्त हिदायत
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी निर्देशों की अनदेखी करने पर होने वाली किसी भी समस्या के लिए संबंधित शिक्षक स्वयं जिम्मेदार होंगे। सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ शिक्षकों से स्कूल परिसर में ही ऐप इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी कराएं।
प्रमुख बिंदु:
- ऐप का नाम: विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप।
- तकनीक: GPS आधारित जिओ-फेंसिंग।
- अनिवार्यता: शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए।
- लक्ष्य: शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और डेटा का रियल-टाइम अपडेशन।

