कवर्धा। कबीरधाम जिले के संग्रहण केंद्रों में धान के स्टॉक में भारी कमी (शॉर्टेज) का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में मिली गड़बड़ी के बाद केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं जिला विपणन अधिकारी (DMO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
7 करोड़ का धान ‘गायब’, 5 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
जिले के दो प्रमुख संग्रहण केंद्रों—बाजार चारभाठा और बघर्रा—में इस साल कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। उठाव के बाद जब स्टॉक का मिलान हुआ, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। दोनों केंद्रों से कुल 26 हजार क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये है। अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से ही 22 हजार क्विंटल धान कम मिला है।
अधिकारी का तर्क: ‘चूहों और मौसम का असर’
इस भारी कमी पर जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा का कहना है कि यह नुकसान चूहे, दीमक, कीड़ों और मौसम के प्रभाव (सूखत) के कारण हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश के अन्य 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में कबीरधाम जिले की स्थिति बेहतर है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष सूखत 3.5% रही है, जो पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है।
सुनियोजित हेराफेरी की शिकायत
दूसरी ओर, इस मामले में गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। शिकायत के अनुसार, केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय ने कथित तौर पर धान की फर्जी आवक-जावक दिखाई, डैमेज धान के फर्जी बिल बनाए और सीसीटीवी कैमरों से बार-बार छेड़छाड़ की। आशंका जताई जा रही है कि यह महज सूखत का मामला नहीं, बल्कि लगभग 5 करोड़ रुपये की सोची-समझी हेराफेरी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
सहायक जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं। इसी आधार पर:
- प्रितेश पांडेय (केंद्र प्रभारी) को निलंबित कर दिया गया है।
- DMO अभिषेक मिश्रा को नोटिस जारी किया गया है।
- उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

