राजनांदगांव। शहर के बाजार क्षेत्र में कल दोपहर मानवता की एक मिसाल देखने को मिली, जब दो युवकों की सूझबूझ और संवेदनशीलता के कारण डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुँच सकी। इस नेक कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने दोनों युवकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया है।
क्या है पूरा मामला?
कल दोपहर करीब 2 बजे, शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में अरशद खान और राजा खान की नजर एक नन्ही बच्ची पर पड़ी। लगभग डेढ़ साल की यह बालिका अकेली थी और बिलख-बिलख कर रो रही थी। आसपास किसी परिजन को न पाकर दोनों युवकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बच्ची को चुप कराया, उसे पानी पिलाया और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
सतर्कता से मिली सफलता
युवकों ने केवल बच्ची को सहारा ही नहीं दिया, बल्कि जिम्मेदारी निभाते हुए चिखली थाना के आरक्षक से संपर्क साधा। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर बच्ची को विधिवत रूप से चाइल्ड वेलफेयर टीम (CWC) के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रात तक बच्ची के माता-पिता का पता लगा लिया। आवश्यक मेडिकल जांच के बाद मासूम को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। अपनी खोई हुई बच्ची को वापस पाकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
पुलिस अधीक्षक ने थपथपाई पीठ
आज राजनांदगांव पुलिस कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने अरशद खान और राजा खान को उनकी मानवता और सतर्कता के लिए पुरस्कृत किया।
“ऐसे जागरूक नागरिक ही समाज की असली पूंजी हैं। अरशद और राजा के इस कार्य से अन्य लोगों को भी संकट में फंसे लोगों की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी।”
— सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव
मुख्य बिंदु:
- मददगार युवक: अरशद खान एवं राजा खान।
- बच्ची की उम्र: लगभग 1.5 वर्ष।
- प्रशासनिक सहयोग: चिखली थाना पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन (1098)।
