नगर देवकर में जैन समुदाय द्वारा अहिंसा के अवतार भगवान महावीर स्वामी की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरा नगर ‘जीओ और जीने दो’ के नारों से गुंजायमान रहा।
नगर भ्रमण और भव्य शोभायात्रा
जयंती के पावन अवसर पर भगवान महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सुसज्जित रथ में विराजमान भगवान की प्रतिमा और गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा ने नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण किया।
- भक्तिमय स्वागत: श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों के सामने रुककर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की।
- प्रसाद वितरण: यात्रा के दौरान नगरवासियों को बड़ी श्रद्धा के साथ प्रसाद वितरण किया गया।
- महाभंडारा: जैन भवन के समक्ष विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के साथ-साथ अन्य नागरिकों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन
जैन भवन के सभागार में विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में:
- महिला मंडल, युवा मंडल, बालक एवं बालिका वर्ग ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
- पूरी प्रतियोगिता का सफल संचालन श्रीमती चंचल सालेचा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
जैन नवयुवक मंडल की सक्रियता
महावीर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सभी कार्यक्रमों का कुशल प्रबंधन और संचालन जैन नवयुवक मंडल द्वारा किया गया। समाज की एकता की मिसाल देते हुए इस दिन नगर के सभी जैन व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रहे, ताकि सभी समाजजन कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में समाज के वरिष्ठ जनों ने भगवान महावीर के सिद्धांतों—सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह—पर चलने का संकल्प दोहराया।

