परपोड़ी/बेमेतरा: बेमेतरा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र परपोड़ी में इन दिनों सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अवैध कारोबारियों ने इस कदर अपने पैर पसार लिए हैं कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। आलम यह है कि परपोड़ी थाना क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब और गांजे की तस्करी का काला साम्राज्य पुलिस की नाक के नीचे फल-फूल रहा है।
खाकी का खत्म हुआ खौफ: थाने से चंद कदमों पर ‘अवैध’ अड्डे
हैरानी की बात यह है कि अपराधियों को अब छिपकर काम करने की जरूरत महसूस नहीं होती। थाने से महज 500 मीटर के दायरे में स्थित बस स्टैंड परिसर सट्टा और अनैतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन चुका है। शाम ढलते ही स्थानीय तालाब और गार्डन के किनारे नशेड़ियों और गांजा तस्करों का जमावड़ा लग जाता है। इसके अलावा, शराब दुकान के आसपास कोचियों का फैला जाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी, परिवारों में मातम
परपोड़ी का सीमावर्ती क्षेत्र होना तस्करों के लिए ‘सेफ पैसेज’ बन गया है।
- गांजे का तांडव: क्षेत्र में गांजे की बढ़ती खपत ने स्थानीय युवाओं को नशे की गर्त में धकेल दिया है।
- सट्टे का जाल: संगठित सट्टा नेटवर्क ने मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक कमर तोड़ दी है। विडंबना यह है कि पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम से अनजान बने रहने का ढोंग कर रहा है, जिसे स्थानीय लोग ‘मौन सहमति’ मान रहे हैं।
कागजी साबित हो रहे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश
राज्य शासन और पुलिस मुख्यालय द्वारा समय-समय पर नशा मुक्ति और जुआ-सट्टा के खिलाफ कड़े निर्देश जारी किए जाते हैं। लेकिन परपोड़ी में ये आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित हैं। मैदानी स्तर पर कार्रवाई शून्य होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
जनता का तीखा सवाल: संरक्षण या लापरवाही?
बढ़ते अपराधों से त्रस्त स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि जब मुख्य सार्वजनिक स्थलों पर सरेआम अवैध काम हो रहे हैं, तो पुलिस की ‘कुंभकर्णी नींद’ क्यों नहीं टूट रही? क्या यह पुलिस की विफलता है या फिर अपराधियों को सत्ता और सिस्टम का अभयदान प्राप्त है?
निष्कर्ष: परपोड़ी में फैलता यह अनैतिक कारोबार सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रहा है। अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद बेमेतरा पुलिस प्रशासन इन ‘हॉटस्पॉट्स’ पर सर्जिकल स्ट्राइक करता है या अपराधी इसी तरह बेखौफ होकर सुशासन को ठेंगा दिखाते रहेंगे।

