दुर्ग। घर बनाने का सपना देख रहे लोगों को झांसे में लेकर मोटी रकम डकारने वाले एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के तीन सदस्यों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नेवई थाना क्षेत्र की एक महिला से लोन दिलाने के नाम पर ₹66,500 की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक चेक और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
लोन का पोस्टर देखकर फंसी महिला
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि मौहारी भाठा निवासी पूर्णिमा साहू (33 वर्ष) ने 9 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थिया अपना घर खरीदने के लिए लोन की तलाश में थी। इसी दौरान उसने शहर में लगे कुछ पोस्टर देखे, जिनमें आसान किस्तों पर लोन दिलाने का दावा किया गया था। पोस्टर पर दिए नंबरों पर संपर्क करने पर आरोपियों ने खुद को लोन एजेंट बताया और महिला को अपने विश्वास में ले लिया।
फर्जी खाते खुलवाकर की धोखाधड़ी
आरोपियों ने लोन प्रोसेसिंग के नाम पर पूर्णिमा साहू से ₹66,500 वसूल लिए। इतना ही नहीं, गिरोह ने महिला के नाम पर अलग-अलग बैंकों में फर्जी तरीके से खाते खुलवाए और उनके चेक बुक अपने पास रख लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी लोन नहीं मिला, तो महिला ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने उसे गुमराह करना शुरू कर दिया और चेक का गलत इस्तेमाल करने की धमकी देने लगे।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
नेवई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। एसीसीयू भिलाई और नेवई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- भूपेश भारती उर्फ राम: निवासी ग्राम छाटा, उतई।
- संजय जनबंधु: निवासी कैम्प 02, शारदापारा।
- हेमंत गुप्ता उर्फ किशन: निवासी रूआबांधा बस्ती।

