दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन बैटिंग (सट्टेबाजी) के लिए फर्जी बैंक खातों का जाल बिछाने वाले गिरोह के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पदमनाभपुर थाना क्षेत्र में चल रहे इस फर्जीवाड़े में पुलिस ने 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनसे करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
करोड़ों का ट्रांजेक्शन और मुंबई कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भोले-भले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। खाते खुलने के बाद आरोपी उनके एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन बैटिंग ऐप्स में पैसे के लेन-देन के लिए किया जाता था। गिरोह इन सामग्रियों को मुंबई भेजता था, जहां से अवैध आर्थिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था।
नकली पिस्टल और एटीएम का जखीरा बरामद
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज और संदिग्ध सामान बरामद किया है। जप्त सामग्री की सूची इस प्रकार है:
- 22 एटीएम कार्ड
- 10 चेक बुक
- 08 बैंक पासबुक
- 04 सिम कार्ड और 05 मोबाइल फोन
- 01 नकली पिस्टल (लाइटर नुमा) और हिसाब-किताब का रजिस्टर
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी कुश और उसके दो साथियों को दबोचा:
- कुश (28 वर्ष): निवासी दीपक नगर, दुर्ग।
- रितेश राय (40 वर्ष): निवासी रजत होम्स, हरी नगर।
- महेंद्र सिंह ठाकुर (32 वर्ष): निवासी वार्ड 17, सुपेला।
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
सावधानी ही बचाव: पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से आम नागरिकों को कड़ी चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि:
“अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड कभी भी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। लालच में आकर अपने दस्तावेज साझा करना आपको बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल सकता है। ऐसी गतिविधियां दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं।”
कार्यवाही में शामिल टीम: इस महत्वपूर्ण सफलता में थाना पदमनाभपुर पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण के जरिए इस गिरोह के मुख्य मोहरों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।

