दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के एक शातिर ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया है। जामुल पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने हाउसिंग बोर्ड भिलाई में दबिश देकर अमृतसर के रहने वाले चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 91.9 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 18 लाख 69 हजार रुपये आंकी गई है।
किराए के मकान को बनाया था ‘ड्रग अड्डा’
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड भिलाई के ईडब्ल्यूएस-312 स्थित एक किराए के मकान में कुछ बाहरी लोग संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मकान पर रेड मारी। मौके पर मौजूद चार लोगों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ और नकद राशि बरामद हुई।
अमृतसर से भिलाई तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यह हेरोइन अमृतसर (पंजाब) से तस्करी कर लाए थे और इसे भिलाई-दुर्ग के युवाओं के बीच ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके पास से 31,000 रुपये नगद भी जप्त किए हैं, जो संभवतः नशे की बिक्री से जुटाए गए थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को दबोचा है, वे सभी पंजाब के रहने वाले हैं:
- राजविन्दर कौर (19 वर्ष): अमृतसर (पंजाब)।
- राजवीर सिंह (32 वर्ष): अमृतसर (पंजाब)।
- कुलदीप सिंह (39 वर्ष): अमृतसर (पंजाब)।
- लवप्रीत सिंह (22 वर्ष): अमृतसर (पंजाब)।
सख्त कार्रवाई और जेल
जामुल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(ख) और 27(क) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की अपील: पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति संदिग्ध रूप से नशीले पदार्थों का व्यापार करता पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पुलिस टीम की सफलता: इस बड़ी कार्यवाही में जामुल थाना प्रभारी और एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सक्रियता से पंजाब के इस बड़े ड्रग रैकेट को छत्तीसगढ़ में पैर पसारने से पहले ही खत्म कर दिया गया।

