रायपुर। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के ईष्ट देवों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ के प्रमुख अमित बघेल ने आज रायपुर के देवेन्द्र नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के दौरान, थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, साथ ही अमित बघेल के समर्थक भी मौके पर मौजूद थे। उनके साथ उनके वकील भी थे।
🚓 भगोड़ा घोषित किया गया था
सिंधी समाज के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के आरोप में अमित बघेल के खिलाफ देवेन्द्र नगर और कोतवाली थाने में मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस के नहीं मिलने पर रायपुर पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए उन पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
🗣️ ईष्ट देवों पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
यह मामला 27 अक्टूबर 2025 का है, जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर हुए विवाद के बाद, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने सार्वजनिक रूप से अग्रसेन महाराज (अग्रवाल समाज के ईष्ट देव) और सिंधी समाज के ईष्ट देव झूलेलाल जी पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं।
💥 विवाद की जड़: छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़
- 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई थी।
- अगले दिन, 27 अक्टूबर को अमित बघेल मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई।
- हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को दोबारा स्थापित कर दिया गया।
- पुलिस ने अगले दिन सुबह मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे की हालत में यह कृत्य किया था।
🇮🇳 अग्रवाल और सिंधी समाज का देशव्यापी विरोध
अमित बघेल की इन आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसी विरोध के बाद सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

