बालोद। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र भालुकोंनहा ग्राम से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नीम के पेड़ से लगातार सफेद रंग का तरल पदार्थ बह रहा है, जिसे स्थानीय ग्रामीण ‘देवी का चमत्कार’ मानकर पूज रहे हैं। आलम यह है कि खेत में लगा यह पेड़ अब एक आस्था का केंद्र बन चुका है और दूर-दूर से लोग इसके दर्शन करने पहुँच रहे हैं।
नारियल पानी जैसा स्वाद, मटकों में भरा जा रहा ‘प्रसाद’
ग्रामीणों का दावा है कि इस पेड़ से निकलने वाले तरल का स्वाद बिल्कुल नारियल पानी की तरह मीठा है। हालांकि इसमें से एक अजीब सी गंध और हल्की आवाज भी आ रही है। ग्रामीणों ने इस पदार्थ को ‘प्रसाद’ का रूप दे दिया है। इसे मटकों में भरकर इकट्ठा किया जा रहा है और आने वाले श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जा रहा है।
बीमारियों से मुक्ति का दावा
गाँव के कार्तिक राम कुमेटी के खेत में स्थित इस पेड़ के पास अब पूरी तरह से पूजा-पाठ का माहौल है।
- पूजा स्थल: पेड़ के चारों ओर घेरा बनाकर उसे पवित्र धागों से बांध दिया गया है।
- अटूट आस्था: स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरल के सेवन से शारीरिक व्याधियों और बीमारियों में राहत मिल रही है।
- वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यहाँ मेले जैसा माहौल बन गया है।
वैज्ञानिक तर्क या चमत्कार?
जहाँ ग्रामीण इसे पूरी तरह आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं जानकारों का मत कुछ अलग है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया (Internal Pressure) हो सकती है।
”कभी-कभी पेड़ों के अंदरूनी ऊतकों में अधिक दबाव या संक्रमण के कारण रस (Sap) बाहर निकलने लगता है, जो हवा के संपर्क में आकर सफेद दिखाई दे सकता है। इसे ‘स्लाइम फ्लक्स’ (Slime Flux) जैसी स्थिति भी कहा जा सकता है।”
चेतावनी: किसी भी अज्ञात तरल पदार्थ को बिना चिकित्सीय परामर्श या वैज्ञानिक जांच के सीधे सेवन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों द्वारा इसकी जांच की जानी अभी बाकी है।

