बालोद: जिले के मालीघोरी क्षेत्र में पिछले महीने हुई हाई-प्रोफाइल धान चोरी के मामले का बालोद पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। ट्रक की किस्त (EMI) न पटा पाने के दबाव में एक ट्रक मालिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर 900 कट्टा धान से भरा ट्रक पार कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चोरी का धान और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिए हैं।
क्या था पूरा मामला?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मोनिका ठाकुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 16 जनवरी को ग्राम मालीघोरी स्थित धर्मकांटा के पास से अज्ञात चोरों ने धान से लदा एक ट्रक (क्रमांक CG 08 AV 1711) चोरी कर लिया था। आरोपी इस ट्रक को दमकसा बड़भूम के पास ले गए, जहाँ उन्होंने ट्रक को लावारिस छोड़ दिया, लेकिन उसमें लदे 900 कट्टों में से 280 कट्टा शासकीय धान अपने निजी ट्रक में शिफ्ट कर लिया था।
किस्त का दबाव और 3 दिनों की रेकी
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी की। पूछताछ में मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि:
- उसके पास दो ट्रक हैं, जिनकी किस्त (EMI) जमा न होने के कारण फाइनेंस कंपनी वाले उसे परेशान कर रहे थे।
- कर्ज चुकाने के लिए उसने 3 दिनों तक मालीघोरी क्षेत्र में रेकी की।
- मौका पाकर उसने चाबी लगे हुए ट्रक को चोरी कर लिया।
साक्ष्य छिपाने की शातिराना कोशिश
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने ट्रक का GPS सिस्टम तोड़कर फेंक दिया था। यही नहीं, शासकीय धान की पहचान छिपाने के लिए उन्होंने सरकारी बारदानों को बदलकर धान को स्थानीय साधारण बोरों में भर दिया और उसे छिपाने के लिए अपने ससुराल ग्राम कंगलूटोला का सहारा लिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में धारा 316(3) BNS के तहत कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- नेतराम देवांगन (37 वर्ष) – मुख्य आरोपी (ग्राम कोरगुडा)
- काशीराम देवांगन (32 वर्ष)
- तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला (25 वर्ष)
- धर्मेंद्र धनकर (27 वर्ष)
बरामदगी: आरोपियों के पास से 179 कट्टा धान, वारदात में इस्तेमाल ट्रक (CG 08 AQ 7884) और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस गुत्थी को सुलझाने में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, सउनि धरम भूआर्य, प्र.आर. योगेश सिन्हा, आरक्षक भोप सिंह साहू, आकाश दुबे, विपिन गुप्ता और साइबर सेल की टीम की सराहनीय भूमिका रही।

