पलारी/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिनौरी में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यहाँ एक व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का अपना सगा भाई, पत्नी और एक रिश्तेदार ही निकले। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

हत्या या सामान्य मौत? पोस्टमार्टम से खुला राज
घटना 29 और 30 मार्च की दरम्यानी रात की है। 37 वर्षीय रामकुमार साय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे सामान्य मौत की तरह देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस को संदेह होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब ‘गला घोंटने’ (Strangulation) की पुष्टि हुई, तो पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच की दिशा बदल दी।
कड़ाई से पूछताछ में टूटे अपने
संदेह के आधार पर पलारी पुलिस ने मृतक की पत्नी मीना बाई, सगे बड़े भाई महावीर साय और एक रिश्तेदार वैभव उर्फ अंशु को हिरासत में लिया। शुरू में तीनों गुमराह करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई दिखाई और अलग-अलग पूछताछ की, तो तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
हत्या की वजह: शराब और घरेलू कलह
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक रामकुमार साय शराब का अत्यधिक आदी था। वह हर दिन नशे की हालत में घर आता और परिवार के सदस्यों के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट करता था। उसकी आए दिन की हरकतों से पूरा परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुका था। इसी प्रताड़ना से मुक्ति पाने के लिए तीनों ने मिलकर खौफनाक साजिश रची:
- साजिश: रात में जब रामकुमार गहरी नींद में सोया था, तब तीनों ने मिलकर उसे दबोच लिया।
- वारदात: गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश: हत्या में इस्तेमाल किए गए गमछे को पत्थर से बांधकर पास के कुएं में फेंक दिया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की कार्रवाई
इस गुत्थी को सुलझाने में फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट और पुलिस की सूझबूझ की अहम भूमिका रही। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त साक्ष्य और कुएं से बरामद गमछा जब्त कर लिया है।
अधिकारी का बयान: > “आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। घरेलू हिंसा और प्रताड़ना इस हत्या का मुख्य कारण निकलकर सामने आया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।”


