बेमेतरा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के प्रतीक ‘गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव’ की तैयारियां नवागढ़ में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। 26 से 28 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस भव्य राज्य स्तरीय आयोजन की समीक्षा करने आज खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल जनपद पंचायत नवागढ़ पहुंचे।
अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी, भव्यता पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री बघेल ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि सतनाम पंथ की आस्था और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का गौरव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि:
- सुरक्षा व स्वच्छता: कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
- सुविधाएं: दूर-दराज से आने वाले पंथी नृत्य दलों और श्रद्धालुओं के लिए बैठक व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
- समय-सीमा: सभी निर्माण कार्य, बैरिकेडिंग और मंच साज-सज्जा का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर लिया जाए।
क्षेत्र का किया निरीक्षण
बैठक के पश्चात मंत्री ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कलाकारों और आम नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। मंत्री बघेल ने विश्वास जताया कि यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं और पंथी नृत्य को एक नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
”गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव हमारी सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इसे सफल और यादगार बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
— दयाल दास बघेल, मंत्री (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति)
मुख्य आकर्षण:
- अवधि: 26 से 28 दिसंबर 2025 तक।
- स्थान: विकासखंड नवागढ़, जिला बेमेतरा।
- प्रमुख सहभागिता: प्रदेश भर से पंथी नृत्य दल और श्रद्धालु।

