बेमेतरा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचना कभी-कभी भारी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला बेमेतरा में सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति को अपनी मोटर सायकल बेचने का विज्ञापन ऑनलाइन ऐप पर डालना महंगा पड़ गया। खरीदार बनकर आए शातिर चोर ने झांसा देकर 1.40 लाख रुपये की बाइक पार कर दी। हालांकि, बेमेतरा पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी अब सलाखों के पीछे है।
क्या है पूरा मामला?
नवागढ़ थाना क्षेत्र के जेवरा एन निवासी प्रार्थी रोहित पाल ने अपनी मोटर सायकल (क्रमांक CG04 QB 8497) बेचने के लिए एक ऑनलाइन ऐप पर फोटो और कीमत डाली थी। विज्ञापन देखकर आरोपी ने मोबाइल पर संपर्क किया और गाड़ी देखने के लिए बेमेतरा बुलाया।
30 अक्टूबर 2025 को रोहित अपने दोस्तों के साथ बेमेतरा पहुँचा। आरोपी वहां बस से आया और बातचीत करने के लिए उन्हें दुर्ग रोड स्थित मनसुख होटल ले गया। होटल के बाहर चाबी लगी हुई बाइक खड़ी कर सभी अंदर नाश्ता करने चले गए। इसी बीच शाम करीब 4 बजे आरोपी “अभी आता हूँ” कहकर बाहर निकला और रोहित की कीमती बाइक लेकर फरार हो गया। काफी देर तक वापस न आने और मोबाइल बंद मिलने पर रोहित को ठगी का अहसास हुआ, जिसकी शिकायत उसने सिटी कोतवाली बेमेतरा में दर्ज कराई।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (IPS) रामकृष्ण साहू के निर्देशन में सायबर सेल और सिटी कोतवाली की एक संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रतन जैन (27 वर्ष), निवासी कसारीडीह दुर्ग को पकड़ लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई मोटर सायकल (कीमत करीब 1.40 लाख रुपये) बरामद कर ली है। आरोपी को 04 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल कार्यवाही में एसडीओपी कौशिल्या साहू और विनय कुमार के मार्गदर्शन में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, प्रधान आरक्षक भूषण ठाकुर, आरक्षक नुरेश वर्मा, संजय पाटिल, खुशाल बोरकर, और संतोष धीवर सहित सायबर सेल टीम का विशेष योगदान रहा।

