कलार समाज बेमेतरा द्वारा आयोजित भव्य सामाजिक सद्भावना यात्रा का समापन 29 मार्च को हर्षोल्लास के साथ हुआ। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर शुरू हुई इस यात्रा ने जिले के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती प्रदान करते हुए माँ भद्रकाली मंदिर में सामाजिक समरसता के संदेश के साथ विश्राम लिया।
यात्रा का स्वरूप और उद्देश्य
यह यात्रा चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस (19 मार्च) से प्रारंभ होकर लगातार 11 दिनों तक चली। इस दौरान यात्रा जिले के सभी 5 मंडलों के लगभग 95 गांवों से होकर गुजरी। यात्रा के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित रहे:
- समाज में एकता, भाईचारा और संगठन को सुदृढ़ करना।
- नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाना और सामाजिक बुराइयों का उन्मूलन।
- युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना।
- आदर्श विवाह (फिजूलखर्ची मुक्त विवाह) को बढ़ावा देना।
विशेष आकर्षण: 95 गांवों की पवित्र ‘रज’
समापन समारोह में सबसे विशेष आकर्षण 95 गांवों से एकत्रित की गई मिट्टी (रज) से निर्मित विग्रह रहा। इस विग्रह के दर्शन के लिए दिनभर सामाजिक बंधुओं और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जो समाज की एकजुटता का प्रतीक बना।
मुख्य अतिथियों के विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, छत्तीसगढ़ कलार समाज के प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिन्हा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा:
”जिलाध्यक्ष विरेन्द्र जायसवाल की यह पहल सराहनीय है। इस यात्रा ने समाज में नई ऊर्जा और चेतना का संचार किया है। ऐसी सद्भावना यात्राएं पूरे प्रदेश में आयोजित होनी चाहिए ताकि हमारा समाज और अधिक संगठित हो सके।”
वहीं, जिलाध्यक्ष विरेन्द्र जायसवाल ने यात्रा की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर समाज के युवाओं, वरिष्ठों और मातृशक्ति से संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन मंडल सचिव दिलीप जायसवाल ने किया। इस अवसर पर अमरकांत सिन्हा, नंदू सिन्हा, सेवाराम सिन्हा, राजेंद्र सिन्हा, अशोक जायसवाल, अजय सिन्हा, डॉ. राजेश सिन्हा सहित श्रीमती हेमलता सिन्हा, रूखमणि सिन्हा, सीमा सिन्हा, पूजा सिन्हा एवं बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

