बेमेतरा। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य इस वर्ष एक ‘सफलता की कहानी’ के रूप में उभर रहा है। सुचारु व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया और जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी के चलते किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सेवा सहकारी समितियों में पहुँच रहे किसान न केवल अपनी उपज सुगमता से बेच रहे हैं, बल्कि व्यवस्थाओं को लेकर संतोष भी व्यक्त कर रहे हैं।
सरल प्रक्रिया और डिजिटल पारदर्शिता
धान खरीदी केंद्रों पर सरल पंजीयन, टोकन प्रणाली और डिजिटल प्रविष्टियों ने कार्य को तेज और त्रुटिहीन बना दिया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित, बेमेतरा (क्र. 118) सहित विभिन्न केंद्रों पर ग्राम सिघौरी और बेमेतरा के किसानों ने बड़ी मात्रा में धान का विक्रय किया है। किसानों का कहना है कि त्वरित तौल और समय पर भुगतान के भरोसे ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
प्रमुख किसानों द्वारा धान विक्रय के आँकड़े
समिति में ग्राम सिघौरी और बेमेतरा के कई किसानों ने सैकड़ों क्विंटल धान बेचा है, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
| किसान का नाम | ग्राम | रकबा (हेक्टेयर) | विक्रय धान (क्विंटल) |
|---|---|---|---|
| दोहर वर्मा | सिघौरी | 2.99 | 148.40 |
| रमन काबरा | बेमेतरा | 5.74 | 271.20 |
| टिकेन्द्र साहू | सिघौरी | 6.84 | 140.00 |
| सोहन | सिघौरी | 2.02 | 79.20 |
| निलेश | बेमेतरा | 0.70 | 35.60 |

कलेक्टर रणबीर शर्मा की सतत निगरानी
इस पूरी व्यवस्था की कमान स्वयं कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रणबीर शर्मा ने संभाल रखी है। वे निरंतर धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- किसानों को पेयजल, छाया और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी न आए।
- बारदाने की उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
- तौल व्यवस्था में किसी भी स्तर पर किसानों को असुविधा न हो।

