बेमेतरा। जिले की सिटी कोतवाली और बेरला पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने निवेशकों का पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली कंपनी पी.ए.सी.एल. (PACL) इंडिया लिमिटेड के दो फरार डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और उत्तर प्रदेश की जेल में बंद थे, जिन्हें प्रोडक्शन वारंट पर बेमेतरा लाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी अंजोर दास कोसले ने शिकायत दर्ज कराई कि पी.ए.सी.एल. इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर्स ने 5 साल में रकम दोगुना करने का प्रलोभन देकर उनसे और अन्य कई निवेशकों से बड़ी राशि जमा कराई थी। समय सीमा पूरी होने के बाद भी निवेशकों को पैसा वापस नहीं किया गया और आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गए। इस पर पुलिस ने धारा 420, 409, 120बी, 34 भादवि और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

यूपी की जेल से लाया गया बेमेतरा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू के निर्देशानुसार गठित टीम ने जांच के दौरान पाया कि कंपनी के दो डायरेक्टर अन्य मामलों में उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद हैं।
- गुरजंत सिंह गिल (80 वर्ष): निवासी मोहाली, पंजाब। (कानपुर ईओडब्ल्यू के मामले में जिला जेल में बंद था)।
- गुरनाम सिंह (69 वर्ष): निवासी रूपनगर, पंजाब। (उरई जेल, जालौन, यूपी में निरूद्ध था)।
माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट जारी होने के बाद, पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को आज दिनांक 17.12.2025 को बेमेतरा लाया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस बहुचर्चित चिटफंड घोटाले में पुलिस अब तक सिंकन्दर सिंह, जोगीन्दर टाईगर, सुखदेव सिंह, निर्मल सिंह भंगु, तरलोचन सिंह, अनुराग शर्मा, गुरमीत सिंह, सुब्रतो भट्टट्टावार्य और नरेन्दर सिंह मेहता जैसे मुख्य चेहरों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी बेमेतरा मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी बेरला राजकुमार साहू, एएसआई दिनेश चंद शर्मा, कंवल सिंह नेताम और उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा।

