बेमेतरा, 06 दिसंबर 2025। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के कड़े निर्देश पर ज़िले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे प्रभावी अभियान के तहत, थाना साजा पुलिस ने लूटपाट के एक मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। आरोपी के कब्ज़े से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और लूटा गया चांदी का चैन बरामद कर लिया गया है।
मामले का विवरण
यह घटना 31 अक्टूबर 2025 की शाम लगभग 7:30 बजे की है। प्रार्थी शेखर साहू (24) अपने दो दोस्तों ओमकार साहू और गंगाधर साहू के साथ कृषि दवाई लेकर मोटर साइकिल से ग्राम कोरवाय लौट रहे थे। अमलीडीह कॉलेज मैदान के पास नाश्ता करने के लिए रुकने पर तीन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।
तीन आरोपियों – अमलीडीह के गजेन्द्र सागरवंशी और भरदाकला के दीपक साहू व रोहन साहू – ने पीड़ित युवकों को अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देकर मारपीट शुरू कर दी।
मुख्य आरोपी गजेन्द्र सागरवंशी ने अपने हाथ में रखा चाकू दिखाकर धमकाया, जबकि दीपक साहू और रोहन साहू ने डंडों से मारपीट की। डर के माहौल में, आरोपियों ने पीड़ित शेखर साहू के गले से चांदी का चैन (कीमत ₹4000), मोबाइल और तीनों पीड़ितों के पास रखे कुल ₹9,500 की नगदी रकम लूट ली और मौके से फरार हो गए।
फरार आरोपी पकड़ा गया
इस मामले में पहले ही दो आरोपी – रोहन साहू और दीपक साहू – को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
विवेचना के दौरान, घटना का मुख्य और फरार आरोपी गजेन्द्र सागरवंशी पिता रामखिलावन सागरवंशी (उम्र 25 वर्ष), निवासी अमलीडीह, को ज़िला बालोद के ग्राम बाघुटोला से पकड़ा गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी गजेन्द्र सागरवंशी के कब्ज़े से घटना में प्रयुक्त स्टील का चाकू और लूटा हुआ चांदी का चैन ज़ब्त किया है। आरोपियों ने लूटी गई नगदी रकम को आपस में बांटकर खाने-पीने में खर्च करना बताया है।
न्यायालय में पेश
थाना साजा पुलिस ने आज 06 दिसंबर 2025 को आरोपी गजेन्द्र सागरवंशी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
संपूर्ण कार्रवाई एसएसपी श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी साजा निरीक्षक सत्य प्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में पूरी की गई। इस टीम में प्रधान आरक्षक विजेन्द्र सिंह, पवन सिंह, आरक्षक रामाअनुज जायसवाल, अर्जुन ध्रुर्वे, राजू यादव और अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

