चिखला गांव के युवा का भारतीय सेना में चयन, परिजनों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल
साजा (कोदवा)। दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के दम पर बेमेतरा जिले के एक युवा, लोमेश्वर वैष्णव, ने भारतीय सेना में अपनी जगह बनाकर जिले और अपने गृहग्राम का नाम रोशन किया है। ग्राम चीखला (विकासखंड बेरला) निवासी लोमेश्वर का चयन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अग्निवीर’ योजना के तहत भारतीय सेना में हुआ है।
लोमेश्वर के चयन की खबर सुनते ही उनके गांव चीखला (विकासखंड बेरला) में जश्न का माहौल छा गया। उनके माता-पिता और परिजनों को लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए, बल्कि यह पूरे बेमेतरा जिले के युवाओं के लिए देश सेवा की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
🔥 विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं मानी हार
लोमेश्वर वैष्णव ने मुश्किल पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों का सामना करते हुए भी अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने सेना में जाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ा शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण लिया। उनका चयन यह साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
🎉 भव्य स्वागत और बधाई
सफलता के बाद, गांव लौटने पर कोदवा में लोमेश्वर का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद, उनके निवास गांव चिखला पहुंचने पर सरपंच ने भी उनका जोरदार अभिनंदन किया।
लोमेश्वर वैष्णव को उनके पिता अर्जुन दास वैष्णव, माता चंपा बाई वैष्णव के अलावा रामेश्वर दास, मोगरा बाई, रोहित दास वैष्णव, हेमंत वैष्णव, छबील वैष्णव, रूपेंद्र वैष्णव, गोविंद वैष्णव, और टिकेश वैष्णव सहित अन्य परिजनों और ग्रामीणों ने हार्दिक बधाई दी है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने भी लोमेश्वर को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में भी देश सेवा का जज़्बा और प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है।
लोमेश्वर की यह गौरवशाली कहानी अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और राष्ट्रप्रेम का परिणाम कितना महान हो सकता है।

