बेमेतरा। सफलता केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि अथक प्रयास और अटूट लगन का प्रमाण होती है। इसी भावना के साथ, आज बेमेतरा जिले के उन सात (7) होनहार युवाओं का भव्य सम्मान किया गया, जिन्होंने प्रतिष्ठित राज्य सेवा परीक्षा (CGPSC) 2024 में शानदार सफलता अर्जित कर जिले का नाम रोशन किया है। यह सम्मान समारोह कलेक्टरेट के ‘दृष्टि सभाकक्ष’ में आयोजित किया गया, जहाँ उत्साह और प्रेरणा का वातावरण व्याप्त था।
कलेक्टर ने किया अभिनंदन, कहा- यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कलेक्टर रणबीर शर्मा, ने चयनित अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत रूप से अभिनंदन किया। उन्होंने सभी सफल युवाओं को सम्मान के प्रतीक के रूप में शॉल और श्रीफल भेंट किया और उनके आने वाले प्रशासनिक जीवन के लिए मंगलकामनाएं कीं।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में, कलेक्टर शर्मा ने कहा कि, “बेमेतरा जिले के इन युवाओं ने यह दर्शाया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह पूरे जिले के लिए गर्व और गौरव का विषय है।”
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि सफलता के पीछे लगन, अथक परिश्रम और उच्च अनुशासन की त्रिवेणी है। कलेक्टर ने चयनित अधिकारियों को उनके आगामी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण मंत्र देते हुए कहा कि, “जनता की भलाई और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को आप अपनी सेवा का सर्वोच्च मूल मंत्र बनाएँगे। जनता की सेवा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।”

सफलता की दास्तान: चयनित अभ्यर्थियों का विवरण
इस समारोह में जिले के उन रत्नों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपना चयन सुनिश्चित किया है।
- सुमिता टोंडरे, पिता संजय टोंडरे, ने जिले के लिए सबसे बड़ा गौरव हासिल करते हुए डिप्टी कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर अपनी जगह बनाई।
- संदीप बघेल, पिता कुमार बघेल, का चयन उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के रूप में हुआ, जो जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देंगे।
- किशोर कुमार जायसवाल, पिता गोविंद जायसवाल, ने सहायक जेल अधीक्षक का पद प्राप्त किया।
- भगवंता साहू, पिता आनंद राम साहू, और नेहा मार्कण्डेय, पिता पूरन मार्कण्डेय, दोनों का चयन अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर हुआ।
- लक्ष्मी देवांगन, पिता रामजी देवांगन, ने आबकारी उप निरीक्षक का पद हासिल किया।
- मोनिका वर्मा, पिता संतोष वर्मा, का चयन राज्य कर निरीक्षक के पद पर हुआ।

प्रेरणा का स्रोत
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जिला अधिकारियों ने भी सभी चयनित युवाओं को अपनी शुभकामनाएँ दीं। अधिकारियों ने एकमत होकर यह बात दोहराई कि इन युवाओं की यह असाधारण उपलब्धि जिले के अन्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए एक नई राह और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह सफलता बताती है कि सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
सम्मान समारोह का समापन एक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में हुआ, जहाँ कलेक्टर रणबीर शर्मा ने एक बार फिर सभी चयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्जवल, सफल और सेवा-उन्मुख भविष्य के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

