बेरला (छत्तीसगढ़): लोक निर्माण विभाग (PWD) बेमेतरा के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत बेरला से बेमेतरा मुख्य सड़क मार्ग पर हाल ही में किए गए पेचवर्क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राहगीरों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पेचवर्क कार्य को अंजाम दिए अभी तीन से चार दिन ही हुए हैं, लेकिन सड़क से डामर और गिट्टियां उखड़ने लगी हैं, जिससे ठेकेदार द्वारा कार्य में ‘खानापूर्ति और लीपापोती’ किए जाने की आशंका गहरा गई है।

इंजीनियरों की गैरमौजूदगी में घटिया काम
बेरला से ग्राम सरदा तक, जहां दुर्घटनाजन्य बड़े गड्ढे थे, पेचवर्क के उखड़ने की घटना सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक गड्ढों का दर्द झेलने के बाद जब पेचवर्क शुरू हुआ, तो लगा कि राहत मिलेगी, लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण यह राहत चंद दिनों की ही साबित हुई।
- उदासीनता: पेचवर्क कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग बेमेतरा के आला अधिकारी—कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी, और इंजीनियर—गैरमौजूद रहे।
- लापरवाही: कार्य बिना किसी तकनीकी जांच या मटेरियल की गुणवत्ता पर ध्यान दिए, केवल मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया गया।
- आरोप: क्षेत्रवासियों का मानना है कि ठेकेदार ने चंद रुपये बचाने के चक्कर में गुणवत्ता को दरकिनार करते हुए, शासन-प्रशासन और आमजनमानस को धोखे में रखकर यह कार्य किया है।

गिट्टियां बिखरने से बढ़ी परेशानी
पेचवर्क में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल होने के कारण डामरीकरण किए गए स्थान से गिट्टियां तेजी से बिखर रही हैं। इससे सड़कों पर धूल के गुबार उठने लगे हैं, जो राहगीरों और आसपास के लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रहा है।
सड़क के कई महत्वपूर्ण स्थानों, जैसे नगर बेरला, सोरला चौंक, खर्रा, बारगांव चौंक, देवरी, सरदा, बावनलाख आदि तक, पेचवर्क में कई जगह गड्ढे भरे भी नहीं गए हैं। लोगों ने आशंका जताई है कि जिस हिसाब से यह घटिया पेचवर्क हुआ है, सड़क पर डामर-गिट्टी ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगी, और कुछ ही दिनों में स्थिति पहले जैसी ‘कठिन डगर’ वाली हो जाएगी।
क्षेत्रवासियों ने आला अधिकारियों की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ठेकेदार के बुलंद हौसलों को जिम्मेदार ठहराया है और तत्काल उच्च स्तरीय जांच व कठोर कार्यवाही की मांग की है।

