बेमेतरा/बेरला: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। मुख्य मार्ग चंडी तिलई से गोड़गिरी तक बनाई गई सड़क भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की भेंट चढ़ गई है। आलम यह है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही डामर की परतें उखड़ने लगी हैं और पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।

ठेकेदार की मनमानी, विभाग मौन
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार किरण बिल्डकॉन बेमेतरा द्वारा सड़क निर्माण में मानक मापदंडों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। सड़क की ऊपरी सतह पर घटिया डस्ट और निम्न स्तर की गिट्टी का उपयोग किया गया है। वर्तमान में जब सड़क जर्जर हो चुकी है, तो ठेकेदार द्वारा ठोस मरम्मत करने के बजाय केवल ‘लीपापोती’ कर खानापूर्ति की जा रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के जिम्मेदार इंजीनियर, एसडीओ और कार्यपालन अभियंता इस गंभीर लापरवाही से अनभिज्ञ बने हुए हैं। अधिकारियों की उदासीनता के कारण ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं और शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।

राहगीरों के लिए बढ़ा खतरा
सड़क की बदहाली के कारण इस मार्ग पर चलना राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। हर कदम पर उखड़ा हुआ डामर और गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल कागजों और खबरों में संधारण (Maintenance) का दावा कर वाहवाही बटोर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है।

क्या कहते हैं ग्रामीण?
क्षेत्र के निवासी रविन्द्र भास्कर चौबे ने बताया कि:
”बेरला क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण मार्गों की स्थिति दयनीय है। चंडी तिलई से गोड़गिरी मार्ग में गुणवत्ताहीन निर्माण के कारण जनता को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है।”
जांच की मांग
सड़क की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की लैब टेस्टिंग कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।


