दुर्ग। मोबाइल बैंकिंग शुरू कराने के बहाने भोले-भले लोगों के बैंक खाते और सिम कार्ड का सौदा करने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुपेला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बैंक खातों और सिम कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की रकम खपाने का प्रयास कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, खुर्शीपार निवासी प्रार्थी हैप्पी सिंह (34 वर्ष) का बैंक खाता छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में है। उन्हें मोबाइल बैंकिंग शुरू करने में तकनीकी समस्या आ रही थी। इसके समाधान के लिए उन्होंने अपने परिचित आशीष कुमार (निवासी शिवाजी नगर) से मदद मांगी।
आरोपी आशीष ने मदद का झांसा देकर सुपेला के आकाश गंगा क्षेत्र में प्रार्थी से उसका सिम कार्ड और बैंक संबंधी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद आरोपी ने प्रार्थी से संपर्क तोड़ दिया। जाँच में पता चला कि आरोपी ने प्रार्थी के खाते और सिम को साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए किसी अन्य गिरोह को बेच दिया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
प्रार्थी की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- आशीष कुमार (निवासी खुर्शीपार)
- सुरजा कुमार सोनी (20 वर्ष, निवासी पावर हाउस कैंप-02)
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और बैंक से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
टीम की सराहना
इस त्वरित कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी विजय कुमार यादव, एएसआई राजीव उर्वशा, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र चंद्राकर और आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह की अहम भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील: रहें सावधान!
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी के प्रति सतर्क रहें:
- अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या OTP कभी भी किसी अनजान या अविश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- मोबाइल बैंकिंग या तकनीकी समस्या होने पर केवल बैंक की आधिकारिक शाखा या हेल्पलाइन से ही संपर्क करें।
- साइबर ठगी का संदेह होने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।
