भिलाई/दुर्ग: रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। छावनी थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मध्यप्रदेश के रीवां से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक महिला से उसके बेटे की नौकरी के नाम पर 7 लाख रुपये ठग लिए थे।
झांसे में लेकर ऐंठे सात लाख रुपये
मामला छावनी थाना क्षेत्र के प्रगति नगर, कैंप-1 का है। प्रार्थिया सरोज पटेल (43 वर्ष) ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पड़ोस में रहने वाले पायल पांडे और सिद्धमून उर्फ लाल पांडे ने उनके बेटे पीयूष पटेल को रेलवे में नौकरी लगवाने का लालच दिया। सरकारी नौकरी के झांसे में आकर प्रार्थिया ने आरोपियों को कुल 7,00,000 रुपये दे दिए। पैसे लेने के बाद जब नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करने लगे, तब ठगी का अहसास होने पर प्रार्थिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रीवां (MP) में छिपे थे आरोपी
रिपोर्ट दर्ज होते ही छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 107/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 296, और 351(3) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया। मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मध्यप्रदेश के रीवां में छिपे हुए हैं। दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत रवाना की गई और घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लेकर भिलाई लाया गया।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें नागरिक
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में छावनी थाना प्रभारी और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की चेतावनी:
“किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी या पद दिलाने के नाम पर पैसा न दें। भर्ती प्रक्रिया हमेशा आधिकारिक बोर्ड के माध्यम से होती है। यदि कोई आपसे पैसों की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।”
