दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर जारी बहस के बीच आज एक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। OHP-A विभाग में जर्जर पाइप गिरने से महिला ठेका श्रमिक पुष्पा साहू की मौत ने एक बार फिर संयंत्र प्रबंधन की रखरखाव और सुरक्षा नीतियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
हादसे का केंद्र:
यह दुर्घटना BSP के OHP-A विभाग में हुई, जिसे भट्टी थाना क्षेत्र के तहत आता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संयंत्र के इस हिस्से में कई पुरानी संरचनाएं और पाइपलाइनें हैं जिनका रखरखाव लंबे समय से ठीक से नहीं किया गया था। आज कार्य के दौरान उसी जर्जर पाइप का एक हिस्सा टूटकर महिला श्रमिक पर गिरा।
सीधे सिर और पेट पर चोट:
बताया जा रहा है कि पाइप सीधे और जोरदार तरीके से पुष्पा साहू के सिर और पेट पर लगा, जिससे चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। सहकर्मियों के प्रयास भी उन्हें बचा नहीं पाए।
लापरवाही का आरोप:
श्रमिक संगठनों और सहकर्मियों का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही का सीधा परिणाम है। उनकी मांग है कि संयंत्र के भीतर जर्जर हो चुके ढांचों का तुरंत ऑडिट किया जाए और मृतिका के परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
भट्टी थाना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

