छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में एक अहम बदलाव किया है। छात्रों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। माशिमं की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि नए प्रारूप में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQ) की संख्या बढ़ाई गई है। ये बदलाव अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे।
📝 नया प्रश्नपत्र पैटर्न: अब होगी ज़्यादा विश्लेषणात्मक तैयारी
नए पैटर्न का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विभिन्न प्रकार की क्षमताओं का विकास करना है। प्रश्नपत्र में अब अंक भार का वितरण निम्नलिखित प्रकार से किया गया है, जो छात्रों की ज्ञानात्मक, अवबोधात्मक, और अनुप्रयोगात्मक क्षमताओं पर ज़ोर देगा:
- ज्ञानात्मक प्रश्न: 20%
- अवबोधात्मक प्रश्न: 25%
- अनुप्रयोगात्मक प्रश्न: 25%
- विश्लेषणात्मक प्रश्न: 10%
- मूल्यांकन प्रश्न: 10%
- रचनात्मक प्रश्न: 10%
📊 सेक्शन-वाइज अंक विभाजन (नया प्रारूप)
प्रश्नपत्र को कई खंडों में विभाजित किया गया है, जिसमें वस्तुनिष्ठ और विभिन्न प्रकार के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (1-1 अंक के) की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है।
| प्रश्न का प्रकार | अंकों का वितरण | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) | 1-1 अंक | 15 प्रश्न | 15 अंक |
| लघु उत्तरीय | 2-2 अंक | 3 प्रश्न | 6 अंक |
| लघु उत्तरीय-2 | 3-3 अंक | 6 प्रश्न | 18 अंक |
| दीर्घ उत्तरीय | 5-5 अंक | 4 प्रश्न | 20 अंक |
| दीर्घ उत्तरीय-2 | 5-5 अंक | 2 प्रश्न | 10 अंक |
| अति दीर्घ उत्तरीय | 6 अंक | 1 प्रश्न |
माशिमं का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों को न केवल बोर्ड परीक्षा में सफलता मिलेगी, बल्कि NEET, JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।

