रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ₹3200 करोड़ के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां ईडी ने पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड मांगी है।
पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, ईडी ने सौम्या चौरसिया को मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया था। घंटों चली लंबी पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से हर्षवर्धन परघनिया और डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने दलीलें दीं, जबकि ईडी की ओर से वकील सौरभ पांडे ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रिमांड पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
घोटाले का मुख्य आधार: नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी
ईडी की जांच में शराब घोटाले के कार्यप्रणाली (Modus Operandi) को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- नीति में बदलाव: आरोप है कि 2019 से 2023 के बीच शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।
- नकली होलोग्राम: नोएडा की एक फर्म से नकली होलोग्राम बनवाकर महंगी शराब बेची गई।
- राजस्व की हानि: सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज न होने के कारण शासन को करीब ₹2165 करोड़ के एक्साइज टैक्स का नुकसान हुआ।
सौम्या चौरसिया पर गंभीर आरोप
ईडी के रिमांड आवेदन के अनुसार, घोटाले की रकम के तार सीधे सौम्या चौरसिया से जुड़े हैं:
- ₹115 करोड़ का लेन-देन: दावा है कि लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से यह राशि सौम्या तक पहुंची।
- हवाला कनेक्शन: आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव ने खुलासा किया कि ₹72 करोड़ की राशि हवाला के जरिए भेजी गई।
- कोयला डायरी का लिंक: कोयला घोटाले की जांच में मिली एक डायरी में ₹43 करोड़ का जिक्र है, जिसका संबंध अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के साथ-साथ इस शराब घोटाले से भी बताया जा रहा है।
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल
- पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
- अनवर ढेबर और आबकारी विभाग के कई अधिकारी।

