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🚨 छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर बड़ी चोट: शीर्ष इनामी माओवादी नेता जयलाल और उसकी पत्नी विमला का आत्मसमर्पण, कुल ₹33 लाख का इनाम

सुकमा। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के लगातार और सफल एंटी-नक्सल अभियानों के बीच, माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। दरभा डिवीजन के शीर्ष इनामी माओवादी नेता जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा और उसकी पत्नी माड़वी गंगी उर्फ़ विमला ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

​दोनों माओवादी नेता कई बड़े और हिंसक नक्सली हमलों में वांछित थे, और इन पर कुल 33 लाख रुपये का भारी इनाम घोषित था।

​🌟 40 वर्षों से सक्रिय था मास्टरमाइंड जयलाल

  • इनाम राशि: ₹25 लाख
  • पद: स्पेशल ज़ोनल कमेटी मेंबर (SZCM) और दरभा डिवीजन इंचार्ज।
  • सक्रियता: जयलाल पिछले 40 वर्षों से संगठन में सक्रिय था और 1994 में बाल संगठन सदस्य के रूप में अपनी शुरुआत की थी।
  • प्रमुख हमलों में संलिप्तता:
    • ​2010 – ताड़मेटला हमला (76 जवान शहीद)
    • ​2013 – झीरम घाटी हमला (कांग्रेस नेताओं पर हमला)
    • ​2020 – मिनपा हमला (17 जवान शहीद)
    • ​2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़ (22 जवान शहीद)
    • ​2024 – टेकलगुड़ा और धर्माराम कैंप अटैक

​👩‍💻 विमला पर था ₹8 लाख का इनाम

  • इनाम राशि: ₹8 लाख
  • पद: मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज।
  • सक्रियता: विमला लगभग 20 वर्षों से सक्रिय थी और LOS, ACS, और एरिया कमेटी सेकरेटरी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रही।
  • हमलों में संलिप्तता:
    • ​2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़
    • ​2024 – टेकलगुड़ा कैंप हमला और अन्य हिंसक गतिविधियां।

​💡 आत्मसमर्पण का कारण: विचारधारा से मोहभंग और बढ़ते दबाव

​सुकमा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस आत्मसमर्पण के पीछे DRG, STF, CRPF, और COBRA द्वारा चलाए जा रहे लगातार एंटी-नक्सल ऑपरेशनों का दबाव मुख्य कारण है। इसके अलावा, माओवादी विचारधारा की खोखली सच्चाई से मोहभंग, संगठन में लगातार नेतृत्व की मौतें, अंदरूनी असंतोष, और छत्तीसगढ़ सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति ने इन दोनों को हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित किया।

​पुलिस प्रशासन ने जोर देकर कहा कि जयलाल और विमला का आत्मसमर्पण क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने में निर्णायक साबित होगा।

​🤝 पुनर्वास और अपील

​आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत तत्काल नगद प्रोत्साहन राशि और अन्य सहायता प्रदान की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर बाकी माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की भावुक अपील की है, उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी गई है

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