रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और हाईटेक बनाने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय द्वारा विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।

7 जिलों के सफल ट्रायल के बाद पूरे प्रदेश में लागू
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपस्थिति दर्ज करने के लिए “विद्या समीक्षा केंद्र” (Vidya Samiksha Kendra) मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। गौरतलब है कि यह व्यवस्था पहले प्रायोगिक तौर पर प्रदेश के 7 जिलों में लागू की गई थी। वहां मिले सकारात्मक परिणामों और फीडबैक के बाद अब इसे राज्य के शेष 26 जिलों में भी अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रकार अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम प्रभावी होगा।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
- मोबाइल ऐप और पोर्टल: शिक्षकों को प्ले स्टोर से “विद्या समीक्षा केंद्र” ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा वेब पोर्टल के जरिए भी जानकारी अपडेट की जा सकेगी।
- दैनिक मॉनिटरिंग: शिक्षकों और विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की जानकारी रीयल-टाइम में दर्ज करनी होगी।
- राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा: राज्य द्वारा संकलित डेटा प्रतिदिन केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र’ को भेजा जाएगा। इससे न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी स्कूलों की निगरानी हो सकेगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल पहल से स्कूलों में अनुशासन बढ़ेगा और ड्रॉप-आउट रेट को कम करने में मदद मिलेगी।
”इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और स्कूलों में शिक्षकों व छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।” – स्कूल शिक्षा विभाग

