रायपुर/बलरामपुर: बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के असर से छत्तीसगढ़ के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोमवार सुबह से ही बादल छाए रहे, जबकि बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में भीषण ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक हल्की बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

सफेद चादर में ढका वाड्रफनगर, फसलों पर संकट
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में सोमवार दोपहर बाद मौसम ने रौद्र रूप दिखाया। यहाँ लगभग 15 से 20 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कों और मकानों की छतों पर बर्फ की सफेद परत जम गई।
- फसलों को नुकसान: ओलों और तेज आंधी के कारण गेहूं, सरसों, राई और मौसमी सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
- जनजीवन प्रभावित: तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ झुक गए और आवागमन में बाधा आई।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी: अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम विज्ञानी बीके चिंधालोरे के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रहेगी।
- चेतावनी: कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना है।
- तापमान: राहत की बात यह है कि अगले सात दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: रहें सावधान
अचानक बदले मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- बीमारियों का खतरा: हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर से बचने की जरूरत है।
- सावधानी: बाहर निकलते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
- यात्रा: बेहद जरूरी होने पर ही इस मौसम में यात्रा करने की सलाह दी गई है।

