राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे पीओएस (Point of Sale) ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर साइबर ठगों को सप्लाई करता था। पकड़े गए आरोपी के द्वारा जारी सिमों से देश के 11 राज्यों में ठगी की 32 वारदातें अंजाम दी जा चुकी हैं।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान मोबाइल नंबर 8770041517 की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस संतोष कुमार देवांगन (30 वर्ष) तक पहुँची, जो महावीर चौक स्थित एक संचार केंद्र में पीओएस ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था।
15 सिमों से 11 राज्यों में ठगी
पुलिस की विवेचना में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी संतोष ने कूटरचित तरीके से 15 सिम कार्ड जारी किए थे। इन सिम कार्डों का उपयोग कर साइबर अपराधियों ने देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया:
- प्रभावित राज्य: आंध्रप्रदेश, बिहार, केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना।
- कुल शिकायतें: विभिन्न राज्यों में इन नंबरों के खिलाफ कुल 32 ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं।
कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई
नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेण्डर किरो और थाना प्रभारी नंद किशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील: नागरिक अपने आधार कार्ड या पहचान पत्रों का उपयोग सिम लेते समय सावधानी से करें और सुनिश्चित करें कि उनके नाम पर कोई अज्ञात सिम सक्रिय न हो।

