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🐍 धमधा के घोटवानी में अजगरों का ‘रहस्य’! एक ही दिन में मिले दो, अब तक 8 रेस्क्यू; ग्रामीण दहशत में, कैंप लगाने की मांग

धमधा (दुर्ग): धमधा क्षेत्र का घोटवानी गांव इन दिनों किसी राजनीतिक उठा-पटक या बड़े हादसे के कारण नहीं, बल्कि अजगरों की रहस्यमयी एंट्री के चलते पूरे दुर्ग जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों से गांव में बार-बार अजगर दिखाई देने की घटनाओं ने ग्रामीणों में डर और गहरी जिज्ञासा दोनों पैदा कर दी है।

​🔥 एक दिन में दो अजगर मिलने से गांव में फैली सनसनी

​बुधवार का दिन घोटवानी के लिए दहशत भरा रहा। सुबह होते ही गांव में हड़कंप तब मच गया जब राजकुमार वर्मा के खेत पर एक विशाल अजगर देखा गया। सूचना मिलते ही 112 और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई! वन विभाग की टीम पहले अजगर को लेकर धमधा जा ही रही थी कि तभी बुधारू साहू के खलिहान में दूसरा अजगर दिखाई दे गया। स्थानीय निवासी वेदराज संतु वर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए दूसरे अजगर को भी सुरक्षित तरीके से काबू में किया और वन विभाग को सौंप दिया। एक ही दिन में दो-दो अजगरों का मिलना पूरे गांव के लिए खौफनाक सनसनी बन गया है।

​📊 घोटवानी बना ‘अजगर हॉटस्पॉट’: अब तक 8 रेस्क्यू

​घोटवानी में अजगर मिलने की यह पहली घटना नहीं है। लगातार हो रहे रेस्क्यू के बाद अब तक कुल 8 अजगरों को गांव से सुरक्षित निकाला जा चुका है। इतनी बड़ी संख्या ने घोटवानी को ‘अजगर हॉटस्पॉट’ बना दिया है और यह पूरे दुर्ग जिले में बहस का केंद्र बन चुका है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि “घोटवानी में बार-बार अजगर क्यों निकल रहे हैं?”

​🌊 अजगर आते कहाँ से हैं? ग्रामीणों का दावा

​स्थानीय जानकारों और ग्रामीणों का मानना है कि अजगरों की रहस्यमयी एंट्री की वजह प्राकृतिक आपदा है। उनका दावा है कि पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ के कारण जंगल के निचले हिस्सों में रहने वाले अजगर बहकर गांव के आसपास के खेतों और खलिहानों तक पहुंच गए हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद ये विशालकाय सांप सुरक्षित ठिकाना तलाशते हुए खेतों, मेड़ों, खलिहानों और घनी झाड़ियों में दिखाई दे रहे हैं।

​⚠️ ग्रामीणों में दहशत, बच्चों को लेकर खास अपील

​गांव में लगातार अजगरों की उपस्थिति से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

  • रात के समय लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।
  • बच्चों को अकेले बाहर न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
  • पशुपालक भी सतर्क हो गए हैं, क्योंकि अजगर छोटे पालतू जानवरों, खासकर बकरी के बच्चों और मुर्गियों का शिकार करते हैं।

​📣 खतरे को भांपकर ग्रामीणों ने की वन विभाग से यह मांग

​ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग की है:

  1. अस्थायी कैंप की स्थापना: घोटवानी में तुरंत एक अस्थायी कैंप लगाकर 24 घंटे निगरानी की जाए।
  2. वैज्ञानिक जांच: अजगरों के संभावित ठिकानों और गांव तक उनके पहुंचने के रास्ते की वैज्ञानिक जांच की जाए।
  3. जागरूकता अभियान: ग्रामीणों को अजगरों से सुरक्षा और उन्हें पकड़ने या निकालने के व्यवहारिक सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाए।

​लोगों का कहना है कि यदि इस गंभीर स्थिति को अभी नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह खतरा और भी बढ़ सकता है।

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