धमधा/दुर्ग: धमधा क्षेत्र के अंतर्गत शिवनाथ नदी पुल की जर्जर हालत और बड़े-बड़े गड्ढों को लेकर प्रमुखता से प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। सेतु निर्माण विभाग दुर्ग ने संज्ञान लेते हुए पुल की मरम्मत और सुधारीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।
सालों से थी जर्जर स्थिति, खबर के बाद हरकत में आए अधिकारी
बता दें कि जिला दुर्ग को खैरागढ़, गंडई, छुईखदान और बेमेतरा जैसे महत्वपूर्ण जिलों से जोड़ने वाला यह ब्रिज पिछले कई सालों से बदहाल था। ‘जीके न्यूज छत्तीसगढ़’ ने विभागीय लापरवाही और मरम्मत के नाम पर होने वाली खानापूर्ति को लेकर विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। खबर में इस बात पर जोर दिया गया था कि प्रतिवर्ष लाखों का बजट होने के बावजूद पुल की स्थिति नहीं सुधारी जा रही थी, जिससे आवागमन में भारी जोखिम बना हुआ था।
हजारों राहगीरों और परीक्षार्थियों को मिलेगी राहत
शिवनाथ नदी का यह ब्रिज लाइफलाइन की तरह काम करता है। यहाँ से प्रतिदिन:
- सरकारी अधिकारी व कर्मचारी
- डॉक्टर, इंजीनियर और उद्योगपति
- किसान और आम राहगीर
- हजारों छात्र व परीक्षार्थी
गुजरते हैं। जर्जर पुल और गड्ढों की वजह से लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पा रहे थे। विशेषकर प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब मरम्मत कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
व्यवस्था की कमी से लगा लंबा जाम
हालाँकि, मरम्मत कार्य शुरू होने के साथ ही राहगीरों को नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर ट्रैफिक प्रबंधन की उचित व्यवस्था न होने के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ठेकेदार और विभाग द्वारा सुरक्षा या यातायात डायवर्जन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने से छोटे-बड़े वाहनों के पहिए थम गए हैं, जिससे राहगीर परेशान नजर आए।
निष्कर्ष: स्थानीय जनता ने खबर के माध्यम से उनकी आवाज उठाने के लिए मीडिया का आभार व्यक्त किया है, साथ ही विभाग से मांग की है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की जाए।

