डोंगरगढ़/राजनांदगांव: सरकारी नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। डोंगरगढ़ पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी देवेन्द्र कुमार गोरले को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
नौकरी का झांसा देकर 5 लोगों से वसूले पैसे
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी धीरज साहू ने डोंगरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी देवेन्द्र कुमार गोरले और उसके साथी जय प्रकाश यादव ने कलेक्टर ऑफिस खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। आरोपियों ने धीरज सहित कुल पांच लोगों से नौकरी के नाम पर 11,00,000 (ग्यारह लाख) रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली।
जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी और पैसे वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 24 घंटे में गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देश पर डोंगरगढ़ थाना प्रभारी संतोष जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी देवेन्द्र कुमार गोरले (निवासी गौतम नगर, डोंगरगढ़) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 97/2026, धारा 420, 34 भादवि (IPC) के तहत मामला दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सतर्क रहे नागरिक: राजनांदगांव पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर सरकारी नौकरी, इनाम जीतने या किसी अन्य लालच में पैसे का लेनदेन न करें। यदि कोई इस प्रकार की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
