डोंगरगढ़। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लोझरी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुए ने ग्रामीण पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद से इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, ग्राम लोझरी निवासी केज़उ राम कंवर जंगल में नीम की पत्तियां लेने गया था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। तेंदुए के पंजों से ग्रामीण के सिर पर गहरी चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
घायल ग्रामीण को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।
वन विभाग की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। लोझरी, मोहारा और आसपास के क्षेत्रों में शाम होते ही तेंदुए की सक्रियता बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
- सुरक्षा का अभाव: कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए।
- पुरानी घटनाएं: कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में एक तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में मिला था और मवेशियों के शिकार की खबरें भी लगातार आती रही हैं।
- बढ़ता खतरा: ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की उदासीनता के कारण अब मवेशियों के बाद इंसानों पर भी हमले शुरू हो गए हैं।
- जंगलों में भोजन की कमी हो रही है।
- मानवीय हस्तक्षेप (अवैध आवाजाही) बढ़ने से तेंदुए आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष अब एक गंभीर चुनौती बन गया है।
- जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक जंगल के रास्तों पर रात्रि गश्त अनिवार्य की जाए।
- जंगल से सटे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
- घायल ग्रामीण को उचित मुआवजा और बेहतर इलाज की सुविधा मिले।

