डोंगरगढ़, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित खालसा पब्लिक स्कूल में एक छात्र के साथ मारपीट करने और उसे शारीरिक रूप से अक्षम बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने स्कूल की इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले की दूसरी आरोपी क्लास टीचर फिलहाल फरार है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 2 जुलाई 2025 की है। प्रार्थी सुधाकर सहारे का पुत्र सार्थक सहारे, जो कक्षा 7वीं का छात्र है, स्कूल गया था। क्लास टीचर नम्रता साहू ने बच्चों को सामाजिक विज्ञान (SST) की पुस्तक निकालने को कहा। सार्थक को बैग से पुस्तक निकालने में थोड़ी देरी हो गई, जिससे नाराज होकर क्लास टीचर ने इसकी शिकायत इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह से कर दी।
आरोप है कि इसके बाद दोनों शिक्षिकाओं ने मिलकर छात्र के साथ दुर्व्यवहार किया। इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह ने छात्र के दोनों कानों पर इतनी जोर से वार किया कि उसे गंभीर चोटें आईं। चिकित्सकीय जांच में पुष्टि हुई कि इस मारपीट के कारण छात्र की सुनने की शक्ति स्थायी रूप से खत्म (Permanent Hearing Loss) हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई
छात्र के पिता की शिकायत पर डोंगरगढ़ थाना में अपराध क्रमांक 574/2025 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं को जोड़ा गया।
- गिरफ्तार आरोपी: प्रियंका सिंह (45 वर्ष), निवासी केदारबाड़ी, डोंगरगढ़।
- फरार आरोपी: क्लास टीचर नम्रता साहू (तलाश जारी)।
- लगी धाराएं: 117(2), 117(3) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज।
न्यायिक हिरासत में भेजी गई आरोपी
राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशानुसार और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में डोंगरगढ़ पुलिस ने साक्ष्य जुटाए। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी प्रियंका सिंह को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि दूसरी शिक्षिका की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी हिरासत में ले लिया जाएगा

