देवकर:- शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) के वनस्पति शास्त्र विभाग (Botany Department) के शोध छात्र एवं देवकर निवासी देवद्र निर्मलकर का शोध कार्य इस वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। हाल ही में आयोजित अंतिम मौखिक प्रस्तुतीकरण (Final Viva-Voce) में विशेषज्ञों ने उनके शोध की गुणवत्ता की सराहना की और उन्हें सफल घोषित किया। देवद्र ने अपना यह महत्वपूर्ण शोध डॉ. विजयलक्ष्मी नायडू के मार्गदर्शन में पूर्ण किया है।
मशरूम बना सेहत का खजाना और बीमारियों का काल
दरअसल अपने शोध के निष्कर्षों को साझा करते हुए देवद्र निर्मलकर ने बताया कि मशरूम केवल एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए ‘संजीवनी’ के समान है। शोध के मुख्य बिंदु में पोषक तत्वों की प्रचुरता पाई गई, जो मशरूम प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-B का मुख्य स्रोत है। वही यह औषधीय गुण से भरपूर एंटी-कैंसर और एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक हैं।इसके अलावा हृदय और मधुमेह के लिए उत्तम माना गया, जो कम कैलोरी और शून्य कोलेस्ट्रॉल होने के कारण यह हृदय रोगियों और डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मशरूम की इस पोषण क्षमता और औषधीय गुणों को जनसामान्य तक पहुँचाना आज की आवश्यकता है।
बीएचयू के विशेषज्ञ की देखरेख में हुआ मौखिक परीक्षण
इस शैक्षणिक आयोजन में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (B.H.U.), वाराणसी से बाह्य परीक्षक के रूप में डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यूनिवर्सिटी के सहपाठियों ने जताई खुशी
इस प्रस्तुतीकरण के दौरान शोधार्थी की टीम के सदस्य यिकेश्वर देवांगन, श्यामू साहू, रत्नाकर उपाध्याय, प्राची गुप्ता, पंकज, ज्योति, देव भारद्वाज और रितेश भांडेकर भी उपस्थित रहे। देवद्र की इस बड़ी उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं सहपाठियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

