दुर्ग (पदमनाभपुर): जिला दुर्ग के पदमनाभपुर पुलिस ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रार्थी को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर किस्तों में 10 लाख रुपये ऐंठ लिए थे और ई-मेल के जरिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था।
क्या था मामला?
प्रार्थी रविकांत साहू (निवासी बोरीगारका, थाना उतई) ने पदमनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 और बाद में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के पद पर नौकरी लगाने का झांसा दिया गया था। इस वादे के बदले आरोपियों ने प्रार्थी से कुल 10 लाख रुपये की राशि किस्तों में प्राप्त की।
धोखाधड़ी का तरीका (Modus Operandi)
आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था:
- सबसे पहले सरकारी नौकरी का प्रलोभन दिया।
- जब एक पद पर भर्ती नहीं हुई, तो एनटीपीसी में एई पद का झांसा दिया।
- अंत में, प्रार्थी को ई-मेल के माध्यम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा, ताकि प्रार्थी को कोई शक न हो।
पुलिस की कार्रवाई
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपराध क्रमांक 143/2026, धारा 420, 467, 468, 120(बी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया और त्वरित विवेचना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
- प्रिया देशमुख (36 वर्ष): निवासी न्यू आदर्श नगर, दुर्ग।
- प्रशांत कुमार देशमुख (49 वर्ष): निवासी न्यू आदर्श नगर, दुर्ग।
पुलिस ने आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (मोबाइल फोन) और फर्जी नियुक्ति पत्र की प्रिंटेड कॉपी बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की सख्त अपील
पुलिस ने आम नागरिकों को आगाह किया है कि:
”किसी भी शासकीय या अर्धशासकीय संस्थान में नौकरी दिलाने के नाम पर यदि कोई धनराशि की मांग करता है, तो सावधान हो जाएं। ऐसी किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।”

