दुर्ग (छत्तीसगढ़)। ऑनलाइन गेमिंग और अवैध सट्टे के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। पदमनाभपुर और मोहन नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के बैंक खाते) के जरिए अवैध लेनदेन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम और दस्तावेज गिरोह को उपलब्ध कराते थे, जिसका इस्तेमाल करोड़ों के काले खेल में किया जा रहा था।
कैसे खुला राज?
इस पूरे मामले का खुलासा हुडको निवासी अविनाश दुबे की शिकायत के बाद हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनके एटीएम, चेकबुक और पासबुक सट्टा खिलाने वाले बड़े गिरोह को सौंप देते थे। तकनीक और बैंक खातों के विश्लेषण (Technical Analysis) के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और दुर्ग-भिलाई के अलग-अलग इलाकों से 11 लोगों को दबोच लिया।
म्यूल अकाउंट का मायाजाल
गिरफ्तार आरोपी महज कुछ पैसों के लालच में अपने बैंक खातों का सौदा करते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग के अवैध पैसे को घुमाने (Money Laundering) के लिए किया जाता था। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनकी हुई गिरफ्तारी:
पुलिस ने भिलाई और दुर्ग के विभिन्न क्षेत्रों से सूरज महतो, रूपेश यादव, दीपक विश्वकर्मा, मिथलेश यादव, इसाब मेहत्तर, वेद प्रकाश ठाकुर, सुरेन्द्र यादव, साहिल मेश्राम, प्रशांत लाउत्रे, भूपेन्द्र सोनी और रंजीत कौर को गिरफ्तार किया है।
जब्ती और पुलिस की अपील
पुलिस ने आरोपियों के पास से 08 मोबाइल फोन, भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।
दुर्ग पुलिस की चेतावनी: “अपना बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी किसी अनजान को न दें। चंद रुपयों के लालच में आकर अपने दस्तावेजों का दुरुपयोग होने देना आपको जेल पहुंचा सकता है। ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध लेनदेन पर पुलिस की पैनी नजर है।”
