दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के पद पर फर्जी नियुक्ति का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाली एक महिला को पदमनाभपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई प्रार्थिया की शिकायत के महज 24 घंटे के भीतर की।
सर्किट हाउस में दिया था फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
शिकायत के अनुसार, सेक्टर-07 भिलाई निवासी पायल (29 वर्ष) की मुलाकात अगस्त 2023 में महाराजा चौक स्थित एक दुकान में आरोपी प्रिया देशमुख से हुई थी। प्रिया ने खुद की ऊंची पहुंच बताते हुए पायल को बिजली विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए कुल 20 लाख रुपये का सौदा तय हुआ, जिसमें से 10 लाख रुपये अग्रिम (एडवांस) के तौर पर ले लिए गए।
ठगी को अंजाम देने के लिए प्रिया ने अपने सहयोगी रजत गुप्ता से प्रार्थिया की मुलाकात करवाई, जिसने खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताया। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने नवंबर 2023 में रायपुर सर्किट हाउस बुलाकर पायल को असिस्टेंट इंजीनियर पद का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी सौंप दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, तो प्रार्थिया ने पदमनाभपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और आरोपी प्रिया देशमुख (निवासी न्यू आदर्श नगर, पदमनाभपुर) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मामले में निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 420: धोखाधड़ी
- धारा 467, 468: दस्तावेजों में कूटरचना (जालसाजी)
- धारा 120(बी): आपराधिक षड्यंत्र
सावधान रहने की अपील
पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। मामले का दूसरा आरोपी रजत गुप्ता फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा मांगने वाले बिचौलियों से सावधान रहें और किसी भी नियुक्ति पत्र का सत्यापन संबंधित विभाग से जरूर कराएं।
