भिलाई (दुर्ग)। कर्ज की आड़ में अवैध ब्याज वसूली और डरा-धमका कर उगाही करने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुपेला थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़िता से मूलधन से 12 गुना अधिक राशि वसूलने के बाद भी उसे ब्लैंक चेक के जरिए फंसाने की धमकी दी थी।
क्या है पूरा मामला?
मैत्री विहार (राधिका नगर) निवासी प्रार्थिया रिया पाल ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने आरोपियों से 1 लाख रुपये उधार लिए थे। प्रार्थिया का आरोप है कि वह अब तक ब्याज और किस्तों के नाम पर कुल 12 लाख रुपये चुका चुकी है। इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी आरोपियों की नीयत साफ नहीं हुई।
आरोपियों ने सुरक्षा के तौर पर रखे गए प्रार्थिया के दो ब्लैंक चेक वापस करने से मना कर दिया और उन पर बड़ी रकम भरकर कोर्ट के माध्यम से फंसाने की धमकी देने लगे। इतना ही नहीं, आरोपी पीड़िता के घर पहुंचकर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी:
पुलिस ने घेराबंदी कर इस मामले में निम्नलिखित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- कंचन सिंह (42 वर्ष): निवासी सूर्या विहार कॉलोनी, सुपेला।
- बरखा शर्मा (45 वर्ष): निवासी मॉडल टाउन, नेहरू नगर।
- वसीम खान (26 वर्ष): निवासी राजनांदगांव (हाल मुकाम सेक्टर 06, भिलाई)।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो ब्लैंक चेक बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 308(2) और छत्तीसगढ़ कर्जा अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की चेतावनी
इस सफल कार्यवाही में सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
”यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से ब्याज (सूदखोरी) का धंधा करता है या कर्ज के नाम पर धमकाता है, तो डरे नहीं। तत्काल नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें, पुलिस ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।”
