दुर्ग (सुपेला)। पुलिस की स्मृति नगर चौकी ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार चल रही महिला आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी महिला और उसके साथी पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को ₹1,00,000 की मांग को लेकर इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगा लिया। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
क्या था पूरा मामला?
घटना कोहका हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की है। 28 मार्च 2026 को 42 वर्षीय मोहन रामटेके अपने घर में मृत अवस्था में पाए गए थे। पुलिस द्वारा की गई मर्ग जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मोहन रामटेके को आरोपीगण लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। आरोपी उन पर ₹1,00,000 देने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए वे बार-बार मृतक के घर जाते थे और फोन पर भी धमकी भरी मांग करते थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर मोहन ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
प्रार्थी सृजन कन्हैया पाण्डेय की रिपोर्ट पर स्मृति नगर चौकी (थाना सुपेला) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 457/2026 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था, जबकि आरोपी महिला सोनिया गोस्वामी फरार चल रही थी। 06 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सोनिया को उसके निवास ग्राम जेवरासिरसा से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति आपको पैसों के लिए या किसी अन्य कारण से अवैध रूप से प्रताड़ित करता है या दबाव बनाता है, तो डरने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। प्रताड़ना देने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

